🕉️

पतंजलि योगसूत्र

Patanjali Yoga Sutras

इस ग्रंथ की मूल हस्तलिखित / पाण्डुलिपि PDF शीघ्र ही डिजिटल रूप में जोड़ी जा रही है। तब तक आप इसका सम्पूर्ण श्लोक पाठ, हिंदी भावार्थ एवं व्याख्या ऑनलाइन पढ़ सकते हैं।

पतंजलि योगसूत्र (Patanjali Yoga Sutras) — परिचय

दर्शन एवं योग • महर्षि पतंजलि • ४ पाद • १९६ सूत्र

यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि (अष्टांग योग) का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक मार्ग।

महर्षि पतंजलि द्वारा प्रणीत योगसूत्र चित्त की वृत्तियों को शांत कर आत्मा को उसके मूल स्वरूप में प्रतिष्ठित करने का सर्वोच्च मार्गदर्शक ग्रंथ है। यह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का अनुपम विज्ञान प्रस्तुत करता है।

समाधि पाद, सूत्र २

योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः ॥ तदा द्रष्टुः स्वरूपेऽवस्थानम् ॥

चित्त की वृत्तियों का पूर्ण निरोध (शांत हो जाना) ही योग है। उस समय द्रष्टा (आत्मा) अपने वास्तविक स्वरूप में स्थित हो जाता है।

Yoga is the stilling of the changing states of the mind. Then the witness abides in its own true nature.