चाणक्य नीति
Chanakya Niti
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चाणक्य नीति (Chanakya Niti) — परिचय
दर्शन एवं नीति • आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त) • १७ अध्याय • ३५०+ श्लोक
आचार्य चाणक्य द्वारा व्यावहारिक जीवन, मित्रता, राजनीति, अर्थ और धर्म सम्बन्धी अमूल्य नीति सूत्र।
चाणक्य नीति मानव को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विवेकपूर्ण निर्णय लेने की कला सिखाती है। विद्या, धन, मित्र, परिवार और समाज के प्रति मनुष्य के आचरण के विषय में आचार्य चाणक्य के विचार आज भी शत-प्रतिशत प्रासंगिक हैं।
प्रथम अध्याय, सूत्र १
प्रणम्य शिरसा विष्णुं त्रैलोक्याधिपतिं प्रभुम् । नानाशास्त्रोद्धृतं वक्ष्ये राजनीतिसमुच्चयम् ॥
तीनों लोकों के स्वामी भगवान श्री विष्णु को सिर झुकाकर प्रणाम करते हुए, मैं अनेक शास्त्रों से निकाले गए राजनीति और नीति सूत्रों का सार कहता हूँ।
Humbly bowing down before the almighty Lord Vishnu, the Lord of the three worlds, I recite maxims of the science of political ethics selected from various ancient scriptures.