प्रथमा वल्ली (अध्याय १, वल्ली १) (Valli 1: The Sacrifice of Vajasravas)
वाजश्रवस का सर्वमेध यज्ञ, नचिकेता की पितृभक्ति, यमलोक गमन, यमराज की प्रतीक्षा और प्रथम दो वरदान।
श्लोक 1.1
ॐ उशन् ह वै वाजश्रवसः सर्ववेदसं ददौ | तस्य ह नचिकेता नाम पुत्र आस ||
oṁ uśan ha vai vājaśravasaḥ sarvavedasaṁ dadau | tasya ha naciketā nāma putra āsa ||
हिंदी अर्थ: स्वर्गफल की इच्छा से वाजश्रवा के पुत्र उद्दालक ने 'सर्वमेध' यज्ञ में अपना सम्पूर्ण धन दान कर दिया। उनका 'नचिकेता' नाम का एक यशस्वी पुत्र था।
Meaning: Desirous of heavenly rewards, Vajashravasa gave away all his possessions in a sacrifice. He had a son named Nachiketa.
श्लोक 1.20
येयं प्रेते विचिकित्सा मनुष्येऽस्तीत्येके नायमस्तीति चैके | एतद्विद्यामनुशिष्टस्त्वयाऽहं वराणामेष वरस्तृतीयः ||
yeyaṁ prete vicikitsā manuṣye'stītyeke nāyamastīti caike | etadvidyāmanuśiṣṭastvayā'haṁ varāṇāmeṣa varastṛtīyaḥ ||
हिंदी अर्थ: नचिकेता ने कहा: मनुष्य के मरने पर यह जो संशय होता है—कोई कहते हैं कि आत्मा रहता है और कोई कहते हैं कि नहीं रहता। आपके द्वारा शिक्षित होकर मैं इस आत्म-तत्व को जानना चाहता हूँ; वरों में यह मेरा तीसरा वर है।
Meaning: Nachiketa said: There is this doubt regarding a deceased person: some say 'he exists', and others say 'he does not exist'. Instructed by you, I would know this. Of all boons, this is the third boon.