पूज्य देवी-देवता एवं दिव्य स्वरूप
सगुण ब्रह्म के पावन स्वरूप, ध्यान मन्त्र, शास्त्रोक्त कथाएं, एवं तीर्थ महात्म्य।

भगवान शिव (महादेव)
ॐ नमः शिवाय
परम चेतना, अज्ञान व काम के संहारक, योगियों एवं ध्यानियों के परम आराध्य।
भगवान शिव कल्याणकारी हैं। समुद्र मन्थन के समय सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रक्षा हेतु उन्होंने कालकूट विष का पान किया और नीलकंठ कहलाए।
Shiva Purana • Shvetashvatara Upanishad • Yajurveda Shri Rudram

भगवान श्रीकृष्ण
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
पूर्ण पुरुषोत्तम परमेश्वर, श्रीमद्भगवद्गीता के उद्गाता, ज्ञान, कर्म एवं प्रेम के परम स्वरूप।
द्वापर युग में धर्म की संस्थापना, अधर्म के विनाश और कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में अर्जुन को गीता का दिव्य उपदेश देने हेतु श्रीकृष्ण का पावन अवतरण हुआ।
Srimad Bhagavad Gita • Srimad Bhagavatam • Mahabharata

माँ दुर्गा (आदिशक्ति)
ॐ दुं दुर्गायै नमः
सृष्टि की आद्याशक्ति, दुर्गतिनाशिनी, समस्त दैवी शक्तियों का संयुक्त पावन स्वरूप।
समस्त देवताओं के सम्मिलित तेज से महिषासुर वध एवं धर्म की रक्षा हेतु भगवती दुर्गा का प्राकट्य हुआ।
Devi Mahatmyam • Devi Bhagavatam • Markandeya Purana

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्रीहरि के सातवें पूर्णावतार, सत्य, धर्म, मर्यादा एवं आदर्श जीवन के सर्वोच्च प्रतिमान।
श्रीराम ने जीवन के प्रत्येक सम्बंध और कर्तव्य में मर्यादा का पालन कर रामराज्य की स्थापना की।
Valmiki Ramayana • Ramcharitmanas • Adhyatma Ramayana

भगवान गणेश (विघ्नहर्ता)
ॐ गं गणपतये नमः
समस्त विघ्नों के नाशक, बुद्धि एवं विवेक के दाता, प्रथम पूज्य देव।
माता पार्वती के पावन संकल्प से प्रकट, महादेव द्वारा प्रथम पूज्यता का वरदान प्राप्त।
Ganesha Purana • Mudgala Purana • Ganapati Atharvashirsha

भगवान हनुमान (संकट मोचन)
ॐ हं हनुमते नमः
परम रामभक्त, अष्टसिद्धि एवं नवनिधि के दाता, संकटमोचन एवं असीम पराक्रम के प्रतीक।
महाबलशाली हनुमान जी ने समुद्र पार कर सीताजी की खोज की और लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा हेतु द्रोणागिरि पर्वत उठाया।
Sundarakanda • Hanuman Chalisa • Shiva Purana