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श्रीरामचरितमानस (Shri Ramcharitmanas) — परिचय
इतिहास एवं काव्य • गोस्वामी तुलसीदास जी • ७ काण्ड • चौपाई, दोहा, सोरठा
अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन का परम पावन चरित्र।
श्रीरामचरितमानस सनातन संस्कृति की आत्मा है। बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुंदरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड—इन सातों सोपानों के माध्यम से धर्म, मर्यादा, भ्रातृ-प्रेम, भक्ति और शरणागति का अनुपम दर्शन कराया गया है।
सुंदरकाण्ड - मंगलाचरण
शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् । रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूडामणिम् ॥
शांत, सनातन, अप्रमेय, निष्पाप, मोक्षरूप परम शांति देने वाले, ब्रह्मा, शम्भु और शेषनाग द्वारा नित्य सेवित, रघुश्रेष्ठ श्री राम को मैं नमस्कार करता हूँ।
I bow to the jewel of kings, the Lord of the universe known as Rama, who is calm, eternal, immeasurable, sinless, and the giver of eternal peace.